Discovery Way of Life

अद्रश्य व्यापार






परमात्मा हें अद्रश्य
अब अद्रश्य के साथ आप कुछ भी कर सकते हो
उसे बेच भीं सकते हो



अमेरिका में एक दुकान पर अद्रश्य हेरपिन बिकते थे अद्रश्य !
तो स्त्रीया तो बड़ी उत्सुक होती हे अद्रश्य हेर पिन !
दिखाय भी न पड़े और बालो में लगा भी रहे ,
बड़ी भीड़ लगती थी , कतारे लगती थी
एक दिन एक ओरत पहुची ,उसने डब्बा खोलकर देखा ,
उसमे कुछ था तो नहीं
उसने कहा इसमे हें भी ?
थोडा संदेह उसे उठा ,
उसने कहा के अद्रश्य !
माना कि अद्रश्य हे उनको ही लेने आए हु ,
लेकिन पक्का इसमे हे ,
और ये किसी को दिखाय भी नहीं पड़ता
उस दुकानदार ने कहा
कि तू मान न मान , आज महीने भर से तो स्टोक में नहीं हे
फिर भी बिक रहा हे ,
पंडित पुरोहित नहीं बता ते
अब ये अद्रश्य हेर पिन की कोय स्टोक में होने की जरुरत थोड़े ही हें


परमात्मा का
धंधा कुछ अद्रश्य का हें ,
कोई और तरह कि दुकान खोलो तो सामान बेचना पड़ता हें ,
कोय और तरह का धंधा
कितना ही धोखा दो , कितना ही कुशलता से दो
पकडे जाओगे लेकिन परमात्मा बेचो ,

कोन पकडेगा ? केसे पकडेगा ?

सदिया बीत जाती हें बिना स्टोक के बिकता हें

समर्थक


<!--Can't find substitution for tag [blog.pagetitle]-->