Discovery Way of Life

जुते की चाहना


जुते की चाहना

चाह नहीं मैं नेता मंत्री के
ऊपर फेंका जाऊँ,

चाह नहीं प्रेस कान्फ्रेंस में
किसी पत्रकार को ललचाऊँ,

चाह नहीं, किसी समस्या के लिए
हे हरि, किसी के काम आऊँ

चाह नहीं, मजनूं के सिर पर,
किसी लैला से वारा जाऊँ!

मुझे पहन कर वनमाली!
उस पथ चल देना तुम,
संसद पथ पर देस लूटने
जिस पथ जावें वीर अनेक।

(श्रद्धेय माखनलाल चतुर्वेदी की आत्मा से क्षमायाचना सहित,)

समर्थक


<!--Can't find substitution for tag [blog.pagetitle]-->